नेत्र दोष क्या है नेत्र दोष के प्रकार लिखिए?HealthPlanet

Posted on Thu 15th Dec 2022 : 10:37

नेत्र दोष

सामान्य नेत्र में उसके दृष्टि विस्तार में स्थित सभी बिंदुओं का लेंस द्वारा रेटिना पर स्पष्ट प्रतिबिंब बनता है। यदि लेंस द्वारा रेटिना पर बनने वाला यह प्रतिबिंब स्पष्ट न हो तो नेत्र में दोष उत्पन्न हो जाते हैं। जिन्हें नेत्र दोष (defects of vision in Hindi) कहते हैं।

नेत्र में दृष्टि संबंधी दो मुख्य दोष पाए जाते हैं। अर्थात नेत्र में दो प्रकार के दोष होते हैं।
1. निकट दृष्टि दोष
2. दूर दृष्टि दोष

निकट दृष्टि दोष -

जब कोई व्यक्ति पास में रखी वस्तु को तो स्पष्टता से देख लेता है, किंतु दूर रखी वस्तु को आसानी से नहीं देख पाता है तब उसे निकट दृष्टि दोष है कहते हैं.

निकट दृष्ट दोष का कारण तथा उपाय

अभिनेत्र लेंस की फोकस दूरी कम हो जाती है या नेत्र का गोलक लंबा हो जाता है। ऐसे दोष से प्रभावित व्यक्ति के नेत्र में दूर स्थित वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना पर न बनकर रेटिना के पहले बनता है। उचित क्षमता वाले अवतल लेंस को प्रयुक्त कर इस दोष का निवारण किया जा सकता है।

दूर दृष्टिदोष -

इस दोष से प्रभावित व्यक्ति, दूर रखी वस्तुओं को तो आसानी से देख सकता है, परंतु पास रखी वस्तु को स्पष्टता से नहीं देख पाता है।

दूर दृष्टिदोष का कारण तथा उपाय

अभिनेत्र लेंस की फोकस दूरी का बहुत अधिक बढ़ जाना या नेत्र के गोलक के छोटे हो जाने के वजह से यह दोष होता है. इस दोष से प्रभावित व्यक्ति के नेत्र के पास में रखी वस्तु का प्रतिबिंब नेत्र की रेटिना पर न बनकर रेटिना के पीछे बनता है। उपयुक्त क्षमता वाले उत्तल लेंस को उपयोग में लाकर इस दोष का निवारण किया जा सकता है।

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